बोनस और एसआईपी भुगतान की मांग को लेकर भेल में श्रमिकों का प्रदर्शन, दो दिवसीय जेसीएम बुलाने की मांग

बीएमकेपी-इंटक ने हीप मेन गेट पर किया विरोध प्रदर्शन, लैपटॉप, ओवरटाइम, मेडिकल सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि में सुधार सहित कई मांगें उठाईं

हरिद्वार। बीएचईएल में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बोनस एवं एसआईपी (स्पेशल इंसेंटिव पेमेंट) के भुगतान और श्रमिकों की लंबित मांगों के समाधान को लेकर भेल मजदूर कल्याण परिषद (बीएमकेपी)-इंटक ने मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त समिति (जेसीएम) की बैठक की तिथि घोषित नहीं होने से नाराज सैकड़ों श्रमिकों ने हीप मेन गेट पर एकत्र होकर कॉरपोरेट प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने प्रबंधन से शीघ्र दो दिवसीय जेसीएम बैठक बुलाकर श्रमिकों की मांगों पर निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान सभा का संचालन संगठन के उपाध्यक्ष प्रशांत दीप गुप्ता ने किया। सभा को संबोधित करते हुए संगठन के महामंत्री, उत्तराखंड इंटक के प्रदेश अध्यक्ष एवं इंटक के केंद्रीय नेता राजबीर सिंह ने कहा कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,116 करोड़ रुपये का कर पूर्व लाभ (पीबीटी) अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 192 प्रतिशत अधिक बताया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के बेहतर प्रदर्शन में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके बावजूद बोनस और एसआईपी भुगतान पर चर्चा के लिए जेसीएम की तारीख घोषित नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है।

उन्होंने मांग की कि श्रमिकों को सम्मानजनक बोनस एवं एसआईपी भुगतान सुनिश्चित करने के लिए जल्द बैठक आयोजित की जाए और उसमें लंबित मुद्दों का समाधान किया जाए।

लैपटॉप और प्रोत्साहन राशि में सुधार की मांग
संगठन के अध्यक्ष मुकुल राज ने कहा कि श्रमिकों को पूर्व में दिए गए लैपटॉप छह वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं। वेज रिवीजन-2017 में बनी सहमति का हवाला देते हुए उन्होंने पांच वर्ष बाद नए लैपटॉप उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने न्यू इंसेंटिव स्कीम-2024 में संशोधन कर न्यूनतम संरक्षित प्रोत्साहन राशि सम्मानजनक स्तर पर निर्धारित करने और अधिकतम प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपये करने की मांग भी उठाई। इसके अतिरिक्त भेल हरिद्वार टाउनशिप स्थित केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-4 को पूर्व की भांति पूर्ण रूप से संचालित करने तथा चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा एक में प्रवेश शुरू कराने की मांग की गई।
संगठन ने रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में काम कराने अथवा निर्धारित कार्य अवधि से अधिक समय तक श्रमिकों को रोकने पर सी-ऑफ के स्थान पर ओवरटाइम भुगतान शुरू करने की मांग भी रखी।
बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और आर्टिजनों के वेतन का मुद्दा
संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्विनी चौहान ने देहरादून एवं आसपास के मल्टीस्पेशियलिटी अस्पतालों को भेल हरिद्वार के चिकित्सा पैनल में शामिल करने की मांग की। उन्होंने मेडिकल डिपेंडेंसी सीलिंग लिमिट को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने हाल ही में भर्ती किए गए आर्टिजनों को टीएसडब्ल्यू कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार के न्यूनतम वेतन के स्थान पर पूर्व की भांति 29,500 रुपये कंसोलिडेटेड वेतन देने की मांग भी उठाई।
ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग पर जताई चिंता
सभा की अध्यक्षता संगठन के वरिष्ठ नेता रजनीश कुमार ने की। उन्होंने प्लांट में नियमित कार्यों को ठेकेदारी के माध्यम से कराए जाने और विभिन्न कार्यों की आउटसोर्सिंग बढ़ने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल श्रमिकों का आभार जताया।
प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर सभी मांगों के समाधान के लिए शीघ्र दो दिवसीय जेसीएम आयोजित करने का आग्रह किया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन जल्द बैठक बुलाकर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो वह आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शन में संगठन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।
मुख्य मांगें: बोनस एवं एसआईपी का सम्मानजनक भुगतान, नए लैपटॉप, प्रोत्साहन राशि में सुधार, केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-4 में प्रवेश शुरू करना, अवकाश के दिन काम पर ओवरटाइम, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और आर्टिजनों के वेतन से जुड़े मुद्दों का समाधान।

