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हरिद्वार हाइवे पर नियमों की अनदेखी, गुरुकुल कांगड़ी के पास बहुमंजिला निर्माण पर उठे गंभीर सवाल


हरिद्वार हाइवे पर नियमों की अनदेखी, गुरुकुल कांगड़ी के पास बहुमंजिला निर्माण पर उठे गंभीर सवाल

हरिद्वार। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे निर्माण कार्यों पर सख्त दिशानिर्देशों के बावजूद गुरुकुल कांगड़ी शुभम विहार कॉलोनी के पास तेजी से खड़ी की जा रही 7 मंजिला इमारत ने विभागीय कार्यशैली पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

हाईवे से सटी इस बहुमंजिला बिल्डिंग का निर्माण NGT नियमों, भवन मानक, सुरक्षा मानकों एवं अन्य विभागीय अनुमतियों की अनदेखी करते हुए किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन बिल्डिंग हाईवे से अत्यंत कम दूरी पर खड़ी की जा रही है, जबकि NGT और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के स्पष्ट नियम हैं कि हाईवे के किनारे बड़े निर्माण के लिए निर्धारित वैध दूरी, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) और सुरक्षित आवागमन का ध्यान रखना अनिवार्य है।

*NGT की प्रमुख नियमावली जिन्हें बताया जा रहा है उल्लंघित*—

१ हाईवे के आसपास किसी भी प्रकार के ऊँचे निर्माण से पूर्व पर्यावरणीय अनुमति (Environmental Clearance) लेना आवश्यक।

२ भारी निर्माण सामग्री का हाईवे के पास खुला भंडारण व आवागमन प्रतिबंधित।

३ बहुमंजिला इमारतों के लिए दूरी मानक (Setback Rules) का पालन अनिवार्य है।

४ निर्माण से उड़ने वाली धूल, अवरोधित ट्रैफिक और सुरक्षा खतरे को रोकने के लिए Dust Control Mechanism तथा सुरक्षा बैरियर अनिवार्य।

५ स्थानीय निवासियों का कहना है कि न तो धूल नियंत्रण की कोई व्यवस्था है और न ही हाईवे किनारे सुरक्षा बैरियर लगाए गए हैं। इससे हर समय सड़क हादसे की आशंका बनी रहती है।

*विभागों की कार्यशैली पर सवाल*

लोगों में यह भी चर्चा है कि इतने बड़े निर्माण के लिए किस विभाग ने अनुमति दी, और यदि अनुमति नहीं है तो निर्माण कैसे चल रहा है?

१ क्या नगर निगम/विकास प्राधिकरण ने मानचित्र पास किया?

२ क्या NHAI ने निर्माण को हाईवे के लिए सुरक्षित माना?

३ क्या पर्यावरणीय अनुमति ली गई?

४ क्या फायर डिपार्टमेंट से NOC प्राप्त की गयी?

इन सवालों पर संबंधित विभागों ने अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है, जिससे आशंका और गहराती जा रही है कि मामला अनियमितताओं और विभागीय मिलीभगत का हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, पर्यावरण विभाग और NGT से मांग की है कि निर्माण स्थल का निरीक्षण किया जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।

हाईवे के किनारे खड़ी होती 7 मंजिला बिल्डिंग केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर हो रही लापरवाही का प्रतीक बन चुकी है।


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